चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर

China- Pakistan economic corridor (CPEC) projectचीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर: 46 अरब डॉलर की लागत वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर की शुरुआत 2000 एकड़ जमीन चीनी कंपनी को पाकिस्तान में देने के साथ ही नवंबर 2015 में हो गयी । चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर, पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से चीन के शिनझियांग को जोड़ने वाले कॉरिडोर की योजना है जो शुरुआत से ही विवादों का कारण रहा है जिसमें भारत की आपत्ति भी प्रमुख है।  भारत की तमाम आपत्तियों को दरकिनार करते हुए पाकिस्तान और चीन ने पाक अधिकृत कश्मीर के रास्ते क़रीब 46 अरब डॉलर की लागत से आर्थिक कॉरिडोर बनाने के लिए समझौता किया है। इस कॉरिडोर को चीन प्राचीन सिल्क रूट को फिर से शुरू करने की योजना का हिस्सा बताता है।
आर्थिक गलियारा ग्वादर से शुरू होकर काशगर तक जाएगा।  ग्वादर बलूचिस्तान के अरब सागर तट पर स्थित है।  पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम का यह हिस्सा दशकों से अलगाववादी विद्रोह का शिकार है।  जबकि काशगर चीन के मुस्लिम बहुल इलाक़े शिनजियांग में स्थित है।  चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) यातायात और ऊर्जा का मिला-जुला प्रोजेक्ट समंदर में बंदरगाह को विकसित करेगा जो भारतीय हिंद महासागर तक चीन की पहुंच का रास्ता खोल देगा।  विशेषज्ञों का कहना है कि इससे रोज़गार के अवसरों में वृद्धि होगी और पिछले तीन दशकों से खस्ता हालत में चल रही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को संजीवनी मिलेगी।

Filed in: Year 2015, नवंबर 2015, प्रमुख योजनाएँ, फ़ोटो से जाने, भारत, भूगोल, विश्व, विश्व-सार, व्यापार, सम-सामयिकी, समाचार, सामान्य ज्ञान, सामान्य ज्ञान लेख, हमारा भारत Tags: , , , , , ,

You might like:

महिंदा राजपक्षे होंगे श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे होंगे श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री
अभिजीत बनर्जी और उनकी पत्नी सहित 3 लोगों को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अभिजीत बनर्जी और उनकी पत्नी सहित 3 लोगों को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार
चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार 2019, 3 वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार 2019, 3 वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से
नोबेल पुरस्कार विजेता 2019 सूची नोबेल पुरस्कार विजेता 2019 सूची
© 2019 सामान्य ज्ञान. All rights reserved. XHTML / CSS Valid.
Proudly designed by eShala.org.