रेल बजट 2016-17

रेल बजट 2016-17: रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आज संसद में वित्त वर्ष 2016-17 का रेल बजट पेश किया। बजट में यात्री सुविधाएं, बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और रेलगाड़ियों में बोगियां बढ़ाने पर ख़ास ज़ोर दिया गया है। रेल बजट में लंबी दूरी की पूरी तरह से अनारक्षित सुपर फास्ट अंत्योदय रेल गाड़ी सेवा और कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों में दीन दयालु अनारक्षित डिब्बे जोड़ने का प्रस्ताव है। साथ ही रेल बजट में तीन चुनिंदा रेल गाड़ी सेवाओं की घोषणा गई है। सबसे पहले है हमसफर सेवा जो कि पूरी तरह से वातानूकूलित तृतीय एसी ट्रेन है। इसके बाद 130 किमी प्रति घंटे और उससे अधिक गति पर चलने वाली तेजस रेलगाड़ी का भी ऐलान किया गया है। साथ ही बजट में रात्रिकालीन डब्ल-डेकर एसी ‘उदय’ यात्री सेवा भी शुरु करने का प्रस्ताव है। रेल मंत्री ने ऐलान किया कि 2020 तक हर यात्री को कन्फर्म टिकट मिलेगा।
रेल बजट 2016-17 की विशेषताएं
उन्‍होंने कहा कि 2015-16 के लिए आठ हजार 720 करोड़ रूपये की बचत होने से राजस्‍व की अधिकांश कमी को पूरा कर लिया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि 2016-17 के लिए परिचालन अनुपात का निर्धारित लक्ष्‍य 92% है।
श्री प्रभु ने कहा कि 7वें वेतन आयोग का तात्‍कालिक प्रभाव शामिल करने के बाद साधारण संचालन व्‍यय को 11.6% तक सीमित रखना, डीज़ल और बिजली खपत में योजनाबद्ध कटौती, 1,84,820 करोड़ रुपये के राजस्‍व सृजन का निर्धारित लक्ष्‍य है।
श्री प्रभु ने रेलवे को और सुविधायुक्‍त बनाने के क्रम में, भारतीय रेल में यात्रियों को और अधिक सुविधाएं देने का प्रस्‍ताव किया गया है। इनके तहत रेलों में 65,000 अतिरिक्‍त बर्थ और 2500 वैंडिग मशीनें उपलब्‍ध कराई जाएगीं।
रेलवे ने विश्‍व का प्रथम बॉयो-वैक्‍यूम टॉयलेट वि‍कसित किया है और रेलों में 17,000 बॉयो-टॉयलेट प्रदान किए जाएगें। रेलों के परिचालन में सुधार लाने के लिए गाजियाबाद से मुगलसराय तक परिचालन ऑडिट प्रारंभ किया जाएगा।
रेलवे में संपूर्ण देश में मोबाइल ऐप के साथ-साथ 1,780 स्‍वचालित टिकिट मशीने भी लाने का प्रस्‍ताव है। उन्‍होंने कहा कि 400 और स्‍टेशनों पर वाई-फाई सुविधा उपलब्‍ध कराई जाएंगी।
श्री प्रभु ने कहा कि 2020 तक आम आदमी की लंबे समय से चली आ रही आशा को पूरा करने के अंतर्गत गाड़ि‍यों में आरक्षित एकोमोडेशन मांग पर उपलब्‍ध होना, मालगाड़ि‍यों का समय-सारणी के अनुसार चलना, संरक्षा रिकॉर्ड में सुधार लाने के लिए अत्‍याधुनिक टैक्‍नॉलोजी, बिना चौकीदार वाले सभी समपारों को समाप्‍त करना, उन्‍नत समय-पालन, माल गाड़ि‍यों की उच्‍चतर औसत गति, सेमी हाई स्‍पीड ट्रेनें जो स्‍वर्णिम चतुर्भुज पर चलें, मानव अपशिष्‍ट का जीरो डायरेक्‍ट डिस्‍चार्ज शामिल है।
सार्वजनिक निजी भागीदारी सहित नवीन वित्‍तपोषण के जरिए उत्‍तर-दक्षिण, पूर्व-पश्चिम और पूर्व तट माल गलियारों को प्रारंभ करने का प्रस्‍ताव है।
वर्ष 2016-17 में सार्वजनिक निजी भागीदारी के अंतर्गत नारगोल और हाजिरा पोर्ट के लिए रेल कनेक्टिविटी का कार्यन्‍वयन।
असम में बड़ी लाइन पर लमडिंग-सिलचर खंड खोल दिया गया है और इससे बराक घाटी देश के साथ जुड़़ गई है; अगरतला भी बड़ी लाइन से जुड़ गया है। कटखल-भैराबी और अरुणाचल-जीरीबाम की ब्रॉड गेज परिवर्तन परियोजनाएं जल्‍दी ही खोल दिए जाने पर मिजोरम और मणिपुर राज्‍य भी देश में बड़ी लाइन से जुड़ जाएंगे।
रेल मंत्री ने कहा कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल संपर्क परियोजना का कटरा-बनिहाल खंड का कार्य संतोषजनक ढंग से प्रगति कर रहा है; कुल 95 किलोमीटर में से, 35 किलोमीटर सुरंग का कार्य पूरा हो गया है।
पारदर्शिता के लिए वर्ष 2015-16 में ऑनलाइन भर्ती शुरू की गई है, अब सभी पदों के लिए इस प्रक्रिया को अपनाया जाता है। सोशल मीडिया को पारदर्शिता लाने में उपकरण के रूप में प्रयोग किया गया है।
टिकटिंग के अंतर्गत 1,780 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें लगाना; यूटीएस एवं पीआरएस टिकटों की कैशलेस खरीद के लिए मोबाइल एप और गो इंडिया स्‍मार्ट कार्ड, ई-टिकटिंग सिस्‍टम की क्षमता को 2000 टिकट प्रति मिनट से बढ़ाकर 7,200 टिकट प्रति मिनट करना और एक ही समय पर 1,20,000 उपयोगकर्ता इसका उपयोग कर सकते हैं जबकि पहले केवल 40,000 ही कर सकते थे।
रेल मंत्री ने कहा कि रेल विश्‍वविद्यालय की मुहिम के तहत प्रारंभ में वड़ोदरा स्थित भारतीय राष्‍ट्रीय रेल अकादमी की पहचान की गई है।
अंत्योदय एक्‍सप्रेस अनारक्षित, सुपरफास्‍ट सेवा, दीन दयालु सवारी डिब्‍बे- पेयजल और बड़ी संख्‍या में मोबाइल चार्जिंग के पांइटों वाले अनारक्षित सवारी डिब्‍बे
तेजस- तेजस भारत में रेलगाड़ी यात्रा के भविष्‍य को दिखाएगी। 130 किलोमीटर प्रति घंटा और उससे अधिक गति पर चालित, ये जवाबदेही और उन्‍नत ग्राहक संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए एक सेवा प्रदाता के माध्‍यम से ऑनबोर्ड सेवाएं पेश करेगी जैसे मनोरंजन, स्‍थानीय भोजन, वाई-फाई आदि।
उदय- सबसे व्‍यस्‍त मार्गों पर रात्रिकालीन डबल डेकर, उत्‍कृष्‍ट डबल डेकर वातानुकुलित यात्री एक्‍सप्रेस जिससे वहन क्षमता के लगभग 40% बढ़ाने की संभावना हैं।
रेल मंत्री ने जानकारी दी कि मोबाइल ऐप के माध्‍यम से टिकट संबंधी सभी कार्य करने और शिकायतों के निवारण करने और सुझाव प्राप्‍त करने के लिए दो मोबाइल ऐप में सभी सुविधाएं एकीकृत करना शामिल है।
रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि धार्मिक महत्‍व के केन्‍द्रों पर यात्रियों की सुविधाओं की व्‍यवस्‍था और स्‍टेशनों के सौंदर्यीकरण को कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने का प्रस्‍ताव है। इनमें अजमेर, अमृतसर, बिहार शरीफ, चेंगनूर, द्वारका, गया, हरिद्वार, मथुरा, नागपट्टनम, नांदेड़, नासिक, पाली, पारसनाथ, पुरी, तिरूपति, वेलंकन्‍नी, वाराणसी और वास्‍को शामिल हैं।
श्री प्रभु ने कहा कि टर्मिनल क्षमता का निर्माण पीपीपी माध्‍यम से रेल साइड लॉजिस्टिक पार्कों और वेयरहाउसों को विकसित करने का प्रस्‍ताव है। ट्रांसलोक द्वारा कम से कम 10 माल शेड विकसित किए जाएंगे। 2016-17 में ट्रांसलोक लॉजिस्टिक कंपनी।
एकीकरण- भारतीय रेलवे के स्‍वामित्‍व वाली कंपनियों की होल्‍डिंग कंपनी बनाना।
शोध और विकास – भविष्‍य के लिए निवेश: एक शोध और विकास संगठन, स्‍पेशल रेलवे इस्‍टेब्‍लिसमेंट फॉर स्‍ट्रेटेजिक टेक्‍नोलॉजी एंड हॉलिस्‍टिक एडवांसमेंट (श्रेष्‍ठ) का गठन करना, अनुसंधान, अभिकल्‍प एवं मानक संगठन (अ.अ.मा.सं.) केवल दिन-प्रतिदिन के मामलों पर ही ध्‍यान केन्‍द्रित करेगा, जबकि श्रेष्‍ठ दीर्घकालिक शोध करेगा।

वित्‍तीय निष्‍पादन 2015-16
=> सकल यातायात प्राप्तियों में 1,83,578 करोड़ रु. के बजट अनुमान लक्ष्य की तुलना में संशोधित अनुमान 2015-16 में 15,744 करोड़ रु. की शुद्ध कमी हुई है। वर्ष 2013-14 से उपनगरीय और अनुपनगरीय दोनों यात्रा के गैर-पीआरएस सेगमेंट में लगातार नकारात्मक वृद्धि के रूख को ध्यान में रखते हुए यात्री आमदनी कम हुई।
=> प्रमुख क्षेत्र से कम मांग के कारण इस भाड़ा आमदनी में वृद्धि प्रभावित हुई, जिसके परिणामस्वरूप संशोधित अनुमान 2015-16 में इस लक्ष्य को 1,11,853 करोड़ रुपए पर पुनः निर्धारित करना पड़ा।
=> साधारण संचालन व्यय (ओडब्ल्यूई) पर नियंत्रण रखने के लिए कड़े आर्थिक और किफ़ायती उपाय अपनाए गए, जिनके कारण 1,19,410 करोड़ रुपए के बजट में निर्धारित साधारण संचालन व्यय वर्ष 2015-16 के संशोधित अनुमान में घटकर 1,10,690 करोड़ रुपए हो गया अर्थात् इसमें 8,720 करोड़ रुपए की गिरावट आई।
=> बजट अनुमान से पेंशन निधि में 34,900 करोड़ रुपए का विनियोजन हुआ। बहरहाल, इस रूख के आधार पर, संशोधित अनुमान में पेंशन भुगतान में 34,500 करोड़ रुपए की मामूली सी कमी हुई है।
=> आंतरिक संसाधन सृजन में कमी आई और 7,900 करोड़ रुपए की व्यवस्था करके 2015-16 के बजट अनुमान की तुलना में संशोधित अनुमान में मूल्यह्रास आरक्षित निधि में 5,500 करोड़ रुपए की कमी की गई है। वर्ष 2015-16 के संशोधित अनुमान में व्यय की तुलना में आमदनी का आधिक्य 11,402.40 करोड़ रुपए है।
=> वर्ष 2015-16 के लिए योजना आकार अर्थात् बजट अनुमान स्तर पर 1,00,000 करोड़ रुपए आंका गया है।

बजट अनुमान 2016-17:
=> राजस्व में वृद्धि और उपयुक्त निवेश सुनिश्चित करने की इच्‍छा के तहत 2015-16 में शुरू किए गए भीड़भाड़ कम करने और लाइन क्षमता बढ़ाने संबंधी कार्यों को जारी रखा जा सकेगा। परियोजनाओं को सुनिश्चित धनराशि मुहैया कराने के लिए बढ़े हुए पूंजी व्यय पर बल दिया गया है, जिसमें वित्त व्यवस्था के विभिन्न स्रोतों का मिश्रण है।
=> सकल यातायात प्राप्तियां 1,84,820 करोड़ रुपए रखी गई हैं। यात्री यातायात से आमदनियां 12.4% पर निर्धारित की गई है और तदनुसार आमदनी संबंधी लक्ष्य 51,012 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्र में लाभप्रद वृद्धि की प्रत्याशा में माल यातायात 50 मिलियन टन के वर्धमान यातायात पर निर्धारित किया गया है। तदनुसार, माल यातायात से आमदनी 1,17,933 करोड़ रुपए प्रस्तावित की गई है। अन्य कोचिंग एवं विविध आमदनियां क्रमशः 6,185 करोड़ रुपए और 9,590.3 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है।
=> साधारण संचालन व्यय के अंतर्गत, 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए प्रावधान किया गया है।
=> वर्ष 2016-17 में पेंशन निकासी 45,500 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है।
=> उच्चतर कर्मचारी लागत और पेंशन दायिता से रेलों की आंतरिक संसाधन स्थिति प्रभावित होती है। तदनुसार, राजस्व से मू.आ.नि. को विनियोजन 3,200 करोड़ रुपए और उत्पादन इकाइयों से 200 करोड़ रुपए रखा गया है। सकल खर्च के माध्‍यम से शुद्ध आधार पर मू.आ.नि से 3,160 करोड़ रुपए की निकासी का प्रस्ताव है, यद्यपि वार्षिक योजना, जिसके लिए 7,160 करोड़ रु. का अनुमान लगाया गया है, में मू.आ.नि को सकल खर्च से पूरा किया जाएगा। पूंजी निधि को 5,750 करोड़ रुपए विनियोजित करने का प्रस्ताव है। इस निधि में पूर्ववर्ती शेष से 1,250 करोड़ रुपए निकाल कर आईआरएफसी को पट्टा प्रभारों के मूल घटक के भुगतान के लिए 7,000 करोड़ रुपए की पूर्ति की जाएगी।

Filed in: Year 2016, फरवरी 2016, भारत, विश्व, व्यापार, सम-सामयिकी, समाचार, सामान्य ज्ञान Tags: , , , ,

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