Budget 2020-21 highlights in Hindi बजट 2020-21

Budget 2020-21 highlights in Hindi (बजट 2020-21 प्रमुख बिंदु, हाइलाइट्स):

  • बजट 2020-21 संबंधी प्रमुख बिंदु:
    • माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार दूसरी बार संसद में केंद्रीय बजट 2020 पेश किया. ‘केंद्रीय बजट’ एक वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट होती है, जिसमें सतत विकास और विकास के लिए सरकार द्वारा अपनाई जाने वाली भविष्य की नीतियों को शुरू करने के लिए प्रस्तुत आय और व्यय का आकलन किया जाता है. भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम द्वारा 31 जनवरी 2020 को आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 जारी किया गया था.
    • व्यय: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 में 30.42 लाख करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव किया है, जो कि वित्त वर्ष 2019-20 के संशोधित अनुमान से 12.7 प्रतिशत अधिक है।
    • प्राप्ति: वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिये केंद्र सरकार ने 22.46 लाख करोड़ रुपए की प्राप्ति अनुमानित की, जो कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से 16.3 प्रतिशत अधिक है।
    • GDP वृद्धि: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 में नॉमिनल GDP में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर अनुमानित है।
    • घाटा: आगामी वित्त वर्ष के लिये राजस्व घाटा कुल GDP का 2.7 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जो कि जो वित्त वर्ष 2019-20 में 2.4 प्रतिशत के संशोधित अनुमान से अधिक है। राजकोषीय घाटा कुल GDP का 3.5 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जो कि वित्त वर्ष 2019-20 में 3.8 प्रतिशत के संशोधित अनुमान से कम है।
  • बजट 2020-21 में राजकोषीय स्थिति
    • भारत और विश्‍व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है।
    • वर्ष 2014 से 2019 के दौरान करीब 4.5% की औसत मुद्रास्‍फीति के साथ 7.4% की औसत वृद्धि रही।
    • वर्ष 2006 से 2016 के दौरान 27.1 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर लाया गया।
    • भारत का प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश 2014-19 के दौरान बढ़कर 284 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा, जो वर्ष 2009-14 के दौरान 190 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था।
    • केंद्र सरकार का ऋण घटकर जीडीपी के 48.7% (मार्च 2019) पर, जो मार्च 2014 में 52.2% था।
    • वित्तीय वर्ष 2019-20 में राजकोषीय घाटे का संशोधित अनुमान 3.8 प्रतिशत रहा है, जबकि वर्ष 2020-21 में मध्यावधि वित्तीय नीति एवं रणनीति विवरण के एक अंग के रूप में दीर्घकालीन स्थिरता को प्राप्त करने की सरकार की वचनबद्धता के साथ वित्तीय वर्ष 2020-21 में राजकोषीय घाटा का बजटीय अनुमान 3.5 प्रतिशत रहा है।
  • विनिवेश, नई कर दरें
    • सरकार ने 2020-21 में 1.20 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश का लक्ष्य रखा है।
    • IDBI बैंक में सरकार की हिस्सेदारी को बेचा जायेगा।
    • सरकार LIC में आईपीओ के द्वारा अपनी हिस्सेदारी को बेचेगी।
    • 5 लाख रुपये तक की कर योग्य आय पर आय कर नहीं लगेगा।
    • 5 लाख रुपये से 7.5 लाख रुपये की आय पर 10% कर लगेगा।
    • 7.5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये की आय पर 15% कर लगेगा।
    • 10 से 12.50 लाख रुपये की आय पर 20% कर लगेगा।
    • 12.5 से 15 लाख रुपये की आय पर 25% कर लगेगा।
    • 15 लाख रुपये से अधिक आय पर 30% कर लगेगा।
  • कृषि और ग्रामीण अर्थव्यस्था
    • 2020-21 के लिए बैंकों को 15 लाख कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया।
    • मतस्य उद्योग के विस्तार में 3,477सागर मित्र और 500 मतस्य कृषक उत्पादक संगठन स्थानीय युवाओं की सहायता करेंगे।
    • किसान अब बंजर भूमि पर सोलर इकाई की स्थापना करके ग्रिड्स को उर्जा की आपूर्ति कर सकेंगे।
    • प्रधानमंत्री किसान उर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान का विस्तार किया जाएगा, 20 लाख किसानों को स्टैंडअलोन सोलर पंप की स्थापना के लिए फण्ड प्रदान किये जायेंगे।
    • जल्दी ख़राब होने वाली वस्तुओं के परिवहन के लिए किसान रेल की शुरुआत की जायेगी।
    • कृषि उड़ान योजना के तहत हवाई मार्ग के द्वारा जल्दी ख़राब होने वाली वस्तुओं का परिवहन किया जाएगा।
    • किसानों के लिए कुसुम योजना। 20 लाख किसानों को मिलेगा सोलर पंप।
    • पानी की कमी वाले 16 जिलों में विशेष प्लान।
    • इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम को बढ़ावा देंगे।
    • बजट का फोकस गांव, गरीब और किसान।
    • किसानों के लिए वेयर हाउस बनाएगी सरकार।
    • किसान रेल चलाएगी मोदी सरकार।
    • 2025 तक दूध उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य।
    • 2024-25 तक मत्‍स्‍य निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना।
  • शिक्षा एवं कौशल
    • इस बजट के तहत एक नई शिक्षा नीति की घोषणा का प्रावधान किया गया है।
    • पुलिस संबंधी विज्ञान, फॉरेंसिक विज्ञान, साइबर-फॉरेंसिक, इत्‍यादि के क्षेत्र में राष्‍ट्रीय पुलिस विश्‍वविद्यालय और राष्‍ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना करने का प्रस्‍ताव किया गया है।
    • राष्‍ट्रीय संस्‍थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क के अंतर्गत आने वाले शीर्ष 100 संस्‍थानों द्वारा डिग्री स्‍तर का पूर्णकालिक ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
    • बजट में सार्वजनिक निजी भागीदारी व्‍यवस्‍था के तहत एक मेडिकल कॉलेज को एक मौजूदा ज़िला अस्‍पताल से संबद्ध करने का प्रस्‍ताव किया गया है।
    • बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओं के नतीजे उम्मीद से बेहतर, शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी दुनिया में सबसे ज्यादा बढ़ी।
    • डिप्लोमा के लिए मार्च 2021 तक 150 नए संस्थान।
    • एजुकेशन सेक्टर के लिए FDI लाया जाएगा।
    • राष्‍ट्रीय पुलिस यूनिवर्सिटी और फारेंसिकी यूनिवर्सिटी का प्रस्ताव।
    • 3000 स्किल डेवलपमेंट सेंटर। कौशल विकास के लिए 3000 करोड़ रुपए आवंटित।
    • 99300 करोड़ शिक्षा क्षेत्र पर खर्च होंगे।
    • PPP मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खुलेंगे।

आर्थिक विकास
=> उद्योग, वाणिज्‍य एवं निवेश
=> निवेश मंज़ूरी प्रकोष्‍ठ स्‍थापित करने का प्रस्‍ताव किया गया है।
=> पाँच नवीन ‘स्‍मार्ट सिटी’ को विकसित करने का प्रस्‍ताव है।
=> वर्ष 2020-21 से लेकर वर्ष 2023-24 तक की चार वर्षीय कार्यान्‍वयन अवधि के साथ 1480 करोड़ रुपए के अनुमानित परिव्‍यय के साथ राष्‍ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन प्रारंभ किया जाएगा।
=> ज़्यादा निर्यात ऋणों का वितरण सुनिश्चित करने के लिये नई योजना ‘निर्विक’ प्रारंभ की जाएगी।
=> गवर्नमेंट ई-मार्केटप्‍लेस (जेम) के कारोबार को बढ़ाकर 3 लाख करोड़ रुपए के स्‍तर पर पहुँचाने का प्रस्‍ताव किया गया है।
=> प्रधानमंत्री के ज़ीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट विनिर्माण विज़न के अनुरूप सभी मंत्रालय गुणवत्ता मानक जारी करेंगे।
=> विकास के चरण और आकार के आधार पर 6500 से अधिक परियोजनाओं का वर्गीकरण किया जाएगा।
=> 103 लाख करोड़ रुपए की राष्ट्रीय अवसंरचना पाइप लाइन परियोजना की घोषणा की गई जिसके अंतर्गत IIFCL तथा NIIF जैसी अवसंरचना वित्त कंपनियों की सहायता के लिये 22000 करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे।
=> राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति को जल्द ही जारी किया जाएगा।
=> एकल खिड़की की सुविधा आधारित लॉजिस्टिक बाज़ार की स्थापना की जाएगी।
=> वर्ष 2020-21 में परिवहन अवसंरचना के लिये 1.7 लाख करोड़ रुपए का प्रस्ताव।

रेल, रोड एवं परिवहन

=> रेल पटरियाँ के किनारे सौर ऊर्जा की उच्च क्षमता स्थापित की जाएगी।
=> 148 किलोमीटर लंबी बेंगलुरु उप-नगरीय परिवहन परियोजना के लिये 18,600 करोड़ रुपए, मेट्रो प्रारूप के अनुसार किराया तय किया जाएगा। केंद्र सरकार 20 प्रतिशत का लागत वहन करेगी और परियोजना लागत का 60 प्रतिशत बाहरी सहायता से उपलब्ध कराने की सुविधा देगी।
=> 550 स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा, कोई मानवरहित क्रॉसिंग नहीं।
=> 27000 किलोमीटर की रेल लाईन का विद्युतीकरण।
=> राजमार्गों के तेज़ी से विकास पर ध्यान दिया जाएगा, इसमें शामिल हैं- पहुँच नियंत्रण राजमार्ग- 2500 किलोमीटर, आर्थिक गलियारा- 9000 किलोमीटर, तटीय और भूमि पत्तन सड़कें- 2000 किलोमीटर, रणनीतिक राजमार्ग- 2000 किलोमीटर
=> चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेस-वे की शुरुआत होगी।
=> 6000 किलोमीटर से अधिक की लंबाई वाले 12 नए राजमार्ग समूहों के मुद्रीकरण का प्रस्ताव।
=> कम से कम एक बड़े पत्तन के निगमीकरण और स्टॉक एक्सेंज में इसे सूचीबद्ध करने पर विचार किया जाएगा।
=> प्रधानमंत्री की अर्थ गंगा संकल्पना के अनुरूप नदी के तटों पर आर्थिक गतिविधियों को तेज़ किया जाएगा।
=> उड़ान योजना के तहत 100 और हवाई अड्डों को 2024 तक पुनर्विकसित किया जाएगा।
=> इस अवधि के दौरान हवाई जहाज़ों की संख्या वर्तमान के 600 से 1200 हो जाने की उम्मीद की गई है।
संस्कृति और पर्यटन
=> संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय धरोहर और संरक्षण संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है।
=> स्थानिक संग्रहालय वाले प्रतिमान स्थलों के रूप में पाँच पुरातत्व स्थलों का विकास किया जाएगा- राखीगढ़ी (हरियाणा), हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश), शिवसागर (असम), धौलावीरा (गुजरात) और अदिचनल्लूर (तमिलनाडु)।
=> कोलकाता में ऐतिहासिक टकसाल भवन में मुद्रा-विषयक और व्यापार पर एक संग्रहालय स्थापित किया जाएगा।
=> झारखंड के रांची में एक जनजातीय संग्रहालय की स्थापना की जाएगी।
=> अहमदाबाद के निकट हड़प्पा युग के नौवहन स्थल लोथल में पोत परिवहन मंत्रालय द्वारा एक पोत संग्रहालय की स्थापना की जाएगी।
=> अंतर्राष्ट्रीय सौर सहयोग के प्रारंभ के बाद यह दूसरी अंतर्राष्ट्रीय पहल है।
=> पर्यटन क्षेत्र के लिए 2020-21 में 2500 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्‍ताव किया है। इसके अलावा वित्‍त और कॉरपोरेट कार्य मंत्री ने संस्‍कृति मंत्रालय के लिए 3150 करोड़ रुपये के आवंटन का भी प्रस्‍ताव किया है। पर्यटन को प्रोत्‍साहित करने के एक प्रमुख प्रयास के रूप में वित्‍तमंत्री ने 8 नये संग्रहालयों की स्‍थापना का प्रस्‍ताव किया है। इनमें 5 प्रमुख पर्यटन स्‍थलों के आस-पास भवन बुनियादी ढांचे का विकास भी शामिल है। इसके अलावा भारत के विभिन्‍न भागों में स्थित 5 प्रमुख संग्रहालयों की कायाकल्‍प का भी उन्‍होंने प्रस्‍ताव किया है।
=> पोत परिवहन मंत्रालय द्वारा लोथल, अहमदाबाद में हड़प्‍पा युग पर प्रकाश डालने के लिए एक पोत संग्रहालय ( Maritime Museum ) स्‍थापित किया जायेगा। रांची (झारखंड) में जनजातीय संग्रहालय की स्‍थापना में मदद किया जायेगा । कोलकाता में ऐतिहासिक पुराने टकसाल भवन में मुद्रा-विषयक और व्‍यापार पर एक संग्रहालय स्‍थापित किया जायेगा।
वित्तीय क्षेत्र
=> 10 बैंकों को 4 बैंकों के तौर पर विलय को मंज़ूरी दी जा चुकी है।
=> 3,50,000 करोड़ रुपए की पूंजी प्रदान की गई है।
=> जमा बीमा तथा क्रेडिट गारंटी निगम ने जमा बीमा दायरे को प्रति जमाकर्त्ता 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने की अनुमति दी।
=> बैंकिंग नियमन अधिनियम में संशोधन द्वारा सहकारी बैंकों का सशक्तीकरण किया जाएगा।
=> ऋण वसूली के लिये NBFC की पात्रता सीमा घटाई गई।
=> सरकार स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से IDBI बैंक में अपनी शेष हिस्सेदारी को निजी, खुदरा तथा संस्थागत निवेशकों को बेचेगी।
=> MSME के लिये एप आधारित इनवायस फाइनांसिंग लॉन प्रोडक्ट की शुरुआत।
=> कुछ विनिर्दिष्ट सरकारी प्रतिभूतियों की श्रेणियों को गैर निवासी निवेशकों के लिये भी पूरी तरह खोला जाएगा।
=> कारपोरेट बांडों में FPI की सीमा को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया।
=> IFSC गिफ्ट सिटी: इनमें अंतर्राष्‍ट्रीय वित्‍त तथा सर्वोत्‍तम डेटा प्रोसेसिंग का केंद्र बनने की क्षमता है।
=> विनियामक के अनुमोदन से वैश्विक बाजार भागीदारों द्वारा व्‍यापार के लिये अतिरिक्‍त विकल्‍प के रूप में एक अंतर्राष्‍ट्रीय एक्‍सचेंज की स्‍थापना की जाएगी।
अभिशासन
=> कर शासन में निष्पक्षता और कुशलता लाने के लिये करदाता चार्टर का गठन किया जाएगा।
=> विधानों में कार्यों के लिये सिविल प्रकृति की आपराधिक ज़िम्मेदारी को ठीक करने के लिये कंपनी अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।
=> एक स्वतंत्र, पेशेवर, विशेषज्ञ संगठन के रूप में एक राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी की स्थापना का प्रस्ताव किया गया। यह एजेंसी अराजपत्रित पदों की भर्ती के लिये कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन सामान्य पात्रता परीक्षा का आयोजन करेगी। प्रत्येक ज़िले विशेष रूप से आकांक्षी ज़िलों में एक परीक्षा केंद्र स्थापित किया जाएगा।
=> अनुबंध अधिनियम को मज़बूत बनाया जाएगा।
=> आधिकारिक सांख्यिकीय पर नवीन राष्ट्रीय नीति बनाई जाएगी।
=> भारत में 2022 में आयोजित होने वाले जी-20 सम्मेलन की अध्यक्षता के लिये तैयारियाँ शुरू करने हेतु कुल 100 करोड़ रुपए आवंटित किये जाएंगे।
=> पूर्वोत्तर क्षेत्र तथा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के विकास के लिये विशेष आर्थिक प्रावधान किये जाएंगे।
=> केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिये 5958 करोड़ रुपए का प्रावधान।

नई अर्थव्यवस्था
=> भारतनेट के माध्यम से इस वर्ष 1 लाख ग्राम पंचायतों को फाइबर-टू-द-होम से जोड़ा जाएगा।
=> वर्ष 2020-21 में भारतनेट कार्यक्रम के लिये 6000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव।
=> नए और उभरते क्षेत्रों समेत विभिन्न प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में ज्ञान अनुवाद क्लस्टर स्थापित किये जाएंगे।
=> भारत के जेनेटिक लैंडस्केप की मैपिंग के लिये एक व्यापक डाटाबेस के सृजन के लिये दो नवीन राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान योजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा।
=> क्वांटम प्रौद्योगिकियों और अनुप्रयोगों पर राष्ट्रीय अभियान के लिये 5 वर्ष की अवधि हेतु 8,000 करोड़ रुपए के परिव्यय प्रदान करने का प्रस्ताव दिया गया।

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