जम्मू-कश्मीर में 8वीं बार लगा राज्यपाल शासन, जाने क्या है जम्मू-कश्मीर की धारा 92

governor rule in jammu and kashmirभारत के अन्य राज्यों में प्रदेश की सरकार के विफल रहने पर राष्ट्रपति शासन लागू होता है लेकिन जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल का शासन लगाया जाता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसकी मंजूरी भी दे दी है। राज्य में अब तक आठवीं बार राज्यपाल शासन लगा है। राज्यपाल वोहरा ने अपना काम शुरू कर दिया है. उन्होंने 20 जून को श्रीनगर में राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा बल अधि‍कारियोें के साथ बैठक की। वोहरा पिछले दस साल से लगातार जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल हैं। वह कांग्रेस सरकार के समय नियुक्त एकमात्र ऐसे राज्यपाल हैं जिन्हें बीजेपी सरकार ने नहीं हटाया है।
क्या है जम्मू-कश्मीर के संविधान की धारा 92
ऐसे में आपके जहन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं ? गवर्नर्स रूल क्यों ? दरअसल इसके पीछे जम्मू-कश्मीर का अलग संविधान है जो किसी भी सीधे हस्तक्षेप को रोकता है। जम्मू-कश्मीर के संविधान की धारा 92 के मुताबिक संवैधानिक मशीनरी के फेल होने की स्थिति में राजयपाल राष्ट्रपति की मंजूरी से गवर्नर रूल लगा सकते हैं। यानी केंद्र सरकार माइनस रहती है, उसका कोई रोल नहीं होता। यह व्यवस्था छह माह तक रह सकती है। इस दैरान अगर चुनाव या दूसरे संवैधानि तरीकों से अगर सिस्टम (सरकार) स्थापित नहीं होती है तो फिर राज्यपाल राज्य में राष्ट्रपति शासन की संस्तुति करते हैं। इन छह महीने के दौरान राजयपाल चाहें तो विधानसभा को निलंबित रखें या फिर वे विधानसभा भंग भी कर सकते हैं।

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