भारत ट्रेकोमा रोग मुक्त घोषित

India free from Trachomaकेंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने 8 दिसंबर को को राष्ट्रीय ट्रेकोमा सर्वेक्षण रिपोर्ट (2014-17) जारी की है, उन्होंने घोषणा की कि भारत अब रोग पैदा करने वाले ट्रेकोमा से मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि ट्रेकोमा को उस स्थिति में समाप्त माना जाता है यदि उसके सक्रिय संक्रमण की मौजूदगी 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में 5 प्रतिशत से कम हो। स्वास्थ्य मंत्रियों ने सर्वेक्षण से जुड़े सभी लोगों, खासतौर से स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई दी, जिन्होंने सर्वेक्षण करने के लिए कठिन परिस्थितियों में भी कार्य किया।
ट्रेकोमा (रोहे-कुक्कररे) आंखों का दीर्घकालिक संक्रमण रोग है और इससे दुनिया भर में अंधेपन के मामले सामने आते हैं। यह खराब पर्यावरण और निजी स्वच्छकता के अभाव तथा पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण होने वाली बीमारी है। यह आंखों की पलकों के नीचे झिल्ली को प्रभावित करता है। बार-बार संक्रमण होने पर आंखों की पलकों पर घाव होने लगते हैं, इससे कॉर्निया को नुकसान पहुंचता है और अंधापन होने का खतरा पैदा हो जाता है। इससे गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और निकोबार द्वीप के कुछ स्थानों के लोग प्रभावित पाए गए हैं। ट्रेकोमा संक्रमण 1950 में भारत में अंधेपन का सबसे महत्वपूर्ण कारण था और गुजरात, राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश में 50 प्रतिशत आबादी इससे प्रभावित थी।

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