चाबहार बंदरगाह से भारत ने अफगानिस्तान भेजा गेहूं का पहला शिपमेंट

24Fir12-13.qxpभारत ने 29 अक्टूबर को पहली बार ईरान के चाबहार पोर्ट/बंदरगाह के जरिए अफगानिस्तान को गेहूं का पहला शिपमेंट भेजा है। इसे ऐतिहासिक बताया गया है, क्योंकि यह अफगानिस्तान से शानदार कनेक्टिविटी के लिए चाबहार बंदरगाह के ऑपरेशनल होने का रास्ता साफ करेगा। अफगानिस्तान से लैंड रूट के जरिए कारोबार में पाकिस्तान बाधा बना हुआ है। इसके जवाब में ईरान के चाबहार पोर्ट को भारत विकसित कर रहा है, जिसके अगले साल दिसंबर तक ऑपरेशनल होने का अनुमान है। चाबहार पोर्ट के जरिए भारत से सामान समुद्री रूट से अफगानिस्तान भेजा जा सकता है। इसे नयी रणनीतिक ट्रांजिट मार्ग के संचालन के लिए एक ऐतिहासिक कदम के तौर पर देखा जा रहा। साथ ही, चाबहार बंदरगाह का इस्तेमाल शुरू होने से पाकिस्तानी मार्ग का इस्तेमाल की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की पिछले साल मई की ईरान की यात्रा के दौरान चाबहार पोर्ट के साथ अफगानिस्तान के जरिए ट्रांसपॉर्ट और ट्रेड कॉरिडोर के लिए त्रिपक्षीय समझौता हुआ था। इससे सेंट्रल एशिया और यूरोप के लिए भारत से शिपमेंट भेजने का खर्च और समय आधा रह जाने का अनुमान है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके अफगान समकक्ष सलाहुद्दीन रब्बानी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए गेहूं की खेप रवाना किया। इसने एक बयान में कहा, ‘गेहूं की खेप एक ऐतिहासिक कदम है क्योंकि ये अफगानिस्तान के लिए एक विकल्प, विश्वसनीय और मज़बूत संपर्क के तौर पर चाबहार बंदरगाह के संचालन के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा.’ इस मौके पर सुषमा ने लगातार पुनर्निर्माण सहयोग, क्षमता निर्माण और अफगानिस्तान के सामाजिक-आर्थिक विकास की प्रतिबद्धता दोहराई।

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