IRNSS -1-आई नौवहन उपग्रह का सफल प्रक्षेपण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 13 अप्रैल को एक नए नौवहन उपग्रह का प्रक्षेपण किया। IRNSS -1-आई, को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह चार बजे अंतरिक्ष में भेजा गया। यह लांचिग पीएसएलवी रॉकेट के जरिये की गई। यह उपग्रह नौवहन उपग्रहों की श्रृंखला की आठवीं कड़ी है। आईआरएनएसएस इसरो द्वारा विकसित एक सिस्टम है, जो स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। IRNSS-1 आई इसरो की नाविक प्रणाली का हिस्सा होगा। यह सैटलाइट मैप तैयार करने, समय का बिल्कुल सही पता लगाने, नैविगेशन की पूरी जानकारी, समुद्री नैविगेशन के अलावा सैन्य क्षेत्र में भी सहायता करेगी।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने दिशासूचक उपग्रह आईआरएनएसएस -1आई का गुरुवार को श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। इस उपग्रह को लेकर पीएसएलवी-सी 41 यान ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी। इसरो के चेयरमैन के. शिवन ने कहा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि पीएसएलवी ने दिशासूचक उपग्रह को निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया है।’ करीब 19 मिनट की उड़ान के बाद यान सब जियोसिन्क्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में पहुंचा जिसके बाद आईआरएनएसएस-1आई पीएसएलवी से अलग हुआ। इस अलगाव के बाद आईआरएनएसएस-1आई के सोलर पैनल स्वचालित तरीके से काम करने लगे।

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