उड़ान योजना – उड़े देश का आम नागरिक

udan-schemeउड़ान योजना: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने छोटे शहरों के साधारण जन की हवाई यात्रा का सपना पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नागरिक उडड्यन मंत्री श्री पी.अशोक गजपति राजू ने 21 अक्टूबर को नई दिल्ली में मंत्रालय की बहुप्रतीक्षित क्षेत्रीय कनेक्टविटी योजना “उड़ान” लॉन्च की। उड़ान क्षेत्रीय उड्डयन बाजार विकसित करने के लिए एक नवाचारी योजना है। यह बाजार आधारित व्यवस्था है जिसमें एयरलाइन्स सीटों की सब्सिडी के लिए बोली लगाएंगी। यह विश्व की अपने किस्म की पहली योजना है जो क्षेत्रीय हवाई मार्गों पर किफायती और आर्थिक रूप से व्यावहारिक उड़ाने प्रस्तुत करेंगी और इससे छोटे शहरों के साधारण व्यक्ति को किफायती दर पर हवाई सेवा की सुविधा मिलेगी। योजना के तहत एक घंटे की उड़ान सेवा के लिए टैक्स सहित 2,500 रुपये की सीमा लगायी गई है । यानी कि अब 2500 रुपये किराये में एक घंटा और 500 किलोमीटर का सफर किया जा सकेगा ।

  • नागरिक उडड्यन राज्य मंत्री श्री जयंत सिन्हा ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य “उड़े देश का आम नागरिक” है। इसका उद्देश्य घरेलू विमानन क्षेत्र को प्रोत्साहन देना है, जो यात्रियों की संख्या के लिहाज से 20 प्रतिशत वृद्धि दर्ज कर रहा है। नागर विमानन सचिव आर एन चौबे ने कहा कि योजना के तहत 50 भारतीय शहर अगले चार सालों में जुड़ेगें।
  • उड़ान योजना में सेवा रहित और क्षमता से कम सेवा वाले देश के हवाई अड्डों को वर्तमान हवाई पट्टियों तथा हवाई अड्डों का पुनर्रोद्धार कर कनेक्टविटी प्रदान करना है। यह योजना 10 वर्षों के लिए होगी।
  • उड़ान क्षेत्रीय कनेक्टविटी विकसित करने के लिए अनूठा बाजार आधारित मॉडल है। रूचि रखने वाली एयरलाइंस तथा हेलीकॉप्टर ऑपरेटर योजना लागू करने वाली एजेंसी को प्रस्ताव प्रस्तुत करके अभी तक संपर्क से नहीं जुड़े मार्गों पर संचालन शुरू कर सकते हैं।
  • विमान सेवा में चयनित एयरलाइन ऑपरेटर को न्यूनतम 9 और अधिकतम 40 उडान सीटें सब्सिडी दरों पर देनी होंगी और हैलीकॉप्टर के लिए न्यूनतम 5 और अधिकतम 13 सीटें सब्सिडी दर पर देनी होंगी।
  • विमान से 500 किलोमीटर की एक घंटे की यात्रा तथा हैलीकॉप्टर से 30 मिनट की यात्रा के लिए किराये की सीमा 2,500 रूपये होगी।
    • इसे हासिल करने का जरिया होगा (1) केंद्र व राज्य सरकारों और एयरपोर्ट ऑपरेटरों से मिली रियायतों के रूप में एक वित्तीय प्रोत्साहन, और (2) ऐसे हवाई हड्‌डों से संचालन शुरू करने में दिलचस्पी रखने वाली विमान सेवाओं के लिए व्यवहार्यता अंतर राशि ताकि यात्री किरायों को सस्ता रखा जा सके।
    • घटे हुए उत्पाद शुल्क, सेवा कर, नॉन-आरसीएस (उड़ान) सीटों के बदले एएसकेएम के लेने-देने की अनुमति और आरसीएस (उड़ान) हवाई अड्‌डों पर कोड साझा करने के लचीलेपन के रूप में केंद्र सरकार छूट प्रदान करेगी।
    • राज्य सरकारों को एटीएफ पर मूल्य वर्धित कर यानी वैट 1 प्रतिशत या उससे भी करना होगा। इसके साथ ही उन्हें सुरक्षा और अग्निशमन सेवाएं नि:शुल्क उपलब्ध करवानी होंगी। उन्हें बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं काफी रियायती दरों पर प्रदान करनी होंगी।
      रूट नैविगेशन के सुविधा शुल्क पर छूट के साथ हवाई अड्डा संचालक, लैंडिंग और पार्किंग प्रभार और टर्मिनल नैविगेशन लैंडिग प्रभार नहीं लागू करेंगे। इस योजना के अंतर्गत व्यवहार्यता अंतर राशि की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक क्षेत्रीय संपर्क कोष बनाया जाएगा। कुछ घरेलू उड़ानों पर प्रति प्रस्थान आरसीएफ कर लागू किया जाएगा।
Filed in: Year 2016, अक्टूबर 2016, प्रमुख योजनाएँ, भारत, व्यापार, सम-सामयिकी, समाचार, सामान्य ज्ञान, सामान्य ज्ञान लेख Tags: , , , , ,

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